एइ-ये कालो माटिर वासा
Ei je kalo matir
पूजा
२१०
एइ-ये कालो माटिर वासा श्यामल सुखेर धरा–
एइखानेते आँधार-आलोय़ स्वपन-माझे चरा॥
एरइ गोपन हृदय़-’परे व्यथार स्वर्ग विराज करे
दुःखे-आलो-करा॥
विरही तोर सेइखाने ये एकला वसे थाके–
हृदय़ ताहार क्षणे क्षणे नामटि तोमार डाके।
दुःखे यखन मिलन हवे आनन्दलोक मिलवे तवे
सुधाय़-सुधाय़-भरा॥ यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Ei je kaalo maatir baasa shyamal sukher dhara - Eikhanete aandhar-aaloy swapon-maajhe chara. Er-i gopan hriday-pore byathaar swargo biraj kore Dukkhe-aalo-kara. Birohi tor seikhane je ekla bose thaake - Hriday taahar khane khane naamti tomar daake. Dukkhe jakhon milon hobe aanondolok milbe tobe Sudhaay-sudhaay-bhora.
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दिनेंद्रनाथ ठाकुर1882–1935Rabindranath's grand-nephew and the principal notator of his songs — the poet called him the keeper of all his songs. Taught music at Santiniketan.Photographer unknown, c. 1935 · Wikimedia Commons, public domain - रचनाकाल
- 1 September 1914(১৬ ভাদ্র ১৩২১)
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