एइ कथाटि मने रेखो
Ei kothati mone rekho
प्रेम
१८
एइ कथाटि मने रेखो, तोमादेर एइ हासिखेलाय़
आमि ये गान गेय़ेछिलेम जीर्ण पाता झरार वेलाय़॥
शुकनो घासे शून्य वने आपन-मने
अनादरे अवहेलाय़
आमि ये गान गेय़ेछिलेम जीर्ण पाता झरार वेलाय़॥
दिनेर पथिक मने रेखो, आमि चलेछिलेम राते
सन्ध्याप्रदीप निय़े हाते।
यखन आमाय़ ओ पार थेके गेल
डेके भेसेछिलेम भाङा भेलाय़
आमि ये गान
गेय़ेछिलेम जीर्ण पाता झरार वेलाय़॥ यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Ei kothati mone rekho, tomader ei haasikhelay. Aami je gaan geyechhilem jirno paata jhorar belay. Shukno ghaase shunyo bone, aapon-mone, aanadare aabohelay Aami je gaan geyechhilem jirno paata jhorar belay. Diner pothik mone rekho, aami cholechhilem raate sondhaprodeep niye haate. Jakhon aamay o paar theke gelo deke bhesechhilem bhaanga bhelay. Aami je gaan geyechhilem jirno paata jhorar belay.
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दिनेंद्रनाथ ठाकुर1882–1935Rabindranath's grand-nephew and the principal notator of his songs — the poet called him the keeper of all his songs. Taught music at Santiniketan.Photographer unknown, c. 1935 · Wikimedia Commons, public domain - रचनाकाल
- 1921(১৩২৮)
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