एइ श्रावणेर वुकेर भितर
Ei shraboner buker
प्रकृति
एइ श्रावणेर वुकेर भितर आगुन आछे। सेइ आगुनेर कालोरूप ये आमार चोखेर ’परे नाचे॥ ओ तार शिखार जटा छड़िय़े पड़े दिक हते ओइ दिगन्तरे, तार कालो आभार काँपन देखो तालवनेर ओइ गाछे गाछे॥ वादल-हाओय़ा पागल हल सेइ आगुनेर हुहुङ्कारे। दुन्दुभि तार वाजिय़े वेड़ाय़ माठ हते कोन् माठेर पारे। ओरे, सेइ आगुनेर पुलक फुते कदम्ववन रङिय़े उठे, सेइ आगुनेर वेग लागे आज आमार गानेर पाखार पाछे॥
यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Ei shraabon buker bhitor aagun aachhe. Sei aaguner kalorup je aamar chokher pore naache. O taar sikhaar jota chhoriye pare dik hote oi digantare, Taar kaalo aabhar knaapon dekho taalboner oi gaachhe gaachhe. Baadol-haawa paagol holo sei aaguner huhungkare. Dundubhi taar baajiye beray maath hote kon maather paare. Ore, sei aaguner pulak phute kadombobon rongiye utthe. Sei aaguner beg laage aaj aamar gaaner paakhar paachhe.
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दिनेंद्रनाथ ठाकुर1882–1935Rabindranath's grand-nephew and the principal notator of his songs — the poet called him the keeper of all his songs. Taught music at Santiniketan.Photographer unknown, c. 1935 · Wikimedia Commons, public domain - रचनाकाल
- 31 August 1921(১৫ ভাদ্র ১৩২৮)
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