एइ सकाल वेलार वादल-आँधारे
Ei sokal belar
प्रकृति
एइ सकाल वेलार वादल-आँधारे आजि वनेर वीणाय़ की सुर वाँधा रे॥ झरो झरो वृष्टिकलरोले तालेर पाता मुखर क’रे तोले रे, उतल हाओय़ा वेणुशाखाय़ लागाय़ धाँदा रे॥ छाय़ार तले तले जलेर धारा ओइ हेरो दले दले नाचे ताथै थै– ताथै थै। मन ये आमार पथ-हारानो सुरे सकल आकाश वेड़ाय़ घुरे घुरे रे, शोने येन कोन् व्याकुलेर करुण काँदा रे॥
यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Ei sokal belar baadol-aandhare Aaji boner binay ki sur bnaadha re. Jharo jharo brishti kalorole taaler paata mukhor kore tole re, Utal haawa benushaakhay laagay dhnaada re. Chhaayar tole tole joler dhaara oi Hero dole dole naache ta thoi thoi - ta thoi thoi. Mon je aamar poth-haarano sure sakol aakash beray ghure ghure re, Shone jeno kon byakuler korun knaada re.
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दिनेंद्रनाथ ठाकुर1882–1935Rabindranath's grand-nephew and the principal notator of his songs — the poet called him the keeper of all his songs. Taught music at Santiniketan.Photographer unknown, c. 1935 · Wikimedia Commons, public domain - रचनाकाल
- 3 May 1922(১৩২৯)
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