एकला वसे वादल-शेषे शुनि कत की
Ekla bose badol shese
प्रकृति
एकला वसे वादल-शेषे शुनि कत की– ‘एवार आमार गेल वेला’ वले केतकी॥ वृष्टि-सारा मेघ ये तारे डेके गेल आकाशपारे, ताइ तो से ये उदास हल– नइले येत कि॥ छिल से ये एकटि धारे वनेर किनाराय़, उठत केँपे तड़िৎ-आलोर चकित इशाराय़। श्रावणघन अन्धकारे गन्ध येत अभिसारे– सन्ध्यातारा आड़ाल थेके खवर पेत कि॥
यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Ekla bose baadol-sheshe shuni kato ki - Ebar aamar gelo bela bole ketoki. Brishti-saara megh je taare deke gelo aakashpaare, Taai to se je udaash holo - noile jeto ki. Chhilo se je ekti dhaare boner kinaray Utthto knepe torit-aalor chokito isharay. Shrabonghano-andhokaare gandho jeto obhisaare - Sondhyataara aaral theke khabor peto ki.
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