गोपन प्राणे एकला मानुष ये (तोर गोपन प्राणे)
Gopon prane ekla manush
विचित्र
गोपन प्राणे एकला मानुष ये तारे काजेर पाके जड़िय़े राखिस ने॥ तार एकला घरेर धेय़ान हते उठुक-ना गान नाना स्रोते, तार आपन सुरेर भुवन-माझे तारे थाकते दे॥ तोर प्राणेर माझे एकला मानुष ये तारे दशेर भिड़े भिड़िय़े राखिस ने। कोन् आरेक एका ओरे खोँजे, सेइ तो ओरइ दरद वोझे– येन पथ खुँजे पाय़, काजेर फाँके फिरे ना याय़ से॥
यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Gopan praane ekla maanush je Taare kaajer paake joriye raakhis ne. Taar ekla ghorer dheyan hote utthuk-na gaan naana srote, Taar aapon surer bhubon-maajhe taare thaakte de. Tor praaner maajhe ekla je Taare dasher bhire bhiriye raakhis ne. Kon aarek eka ore khnoje, sei to ori darod bhojhe- Jeno path khnuje paay, kaajer phaanke phire na jaay se.
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दिनेंद्रनाथ ठाकुर1882–1935Rabindranath's grand-nephew and the principal notator of his songs — the poet called him the keeper of all his songs. Taught music at Santiniketan.Photographer unknown, c. 1935 · Wikimedia Commons, public domain - रचनाकाल
- 1923(১৩৩০)
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