हाय़ गो, व्यथाय़ कथा याय़ डुवे याय़
Hay go bathay katha jay
प्रेम
हाय़ गो,
व्यथाय़ कथा याय़ डुवे याय़, याय़ गो–
सुर हारालेम अश्रुधारे॥
तरी तोमार सागरनीरे, आमि फिरि तीरे तीरे,
ठाँइ
हल ना तोमार सोनार नाय़ गो–
पथ कोथा पाइ अन्धकारे॥
हाय़ गो,
नय़न आमार मरे दुराशाय़ गो,
चेय़े थाकि दाँड़िय़े द्वारे।
ये घरे ओइ प्रदीप ज्वले तार ठिकाना केउ ना वले,
वसे थाकि पथेर निरालाय़ गो
चिर-रातेर पाथार-पारे॥ यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Haay go, byathaay katha jaay dube jaay, jaay go - Sur haaralam oshrudhaare. Tori tomar saagornire, aami phiri tire tire, Thnaai holo na tomar sonar naay go - Path kotha paai aandhokare. Haay go, nayon aamar mare durashaay go, Cheye thaaki dnaariye dwaare. Je ghare oi prodip jwale taar thikana keu na bale, Bose thaaki pather niralai go Chiro-raater paathar-pare.
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दिनेंद्रनाथ ठाकुर1882–1935Rabindranath's grand-nephew and the principal notator of his songs — the poet called him the keeper of all his songs. Taught music at Santiniketan.Photographer unknown, c. 1935 · Wikimedia Commons, public domain - रचनाकाल
- 1921(১৩২৮)
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