गीत / Puja

হে মহাদুঃখ, হে রুদ্র

Puja
२३३

       हे  महादुःख, हे  रुद्र, हे  भय़ङ्कर, ओहे  शङ्कर, हे  प्रलय़ङ्कर।

       होक  जटानि:सृत  अग्निभुजङ्गम   -दंशने  जर्जर स्थावर  जङ्गम,

          घन घन  झन झन झननन   झननन  पिनाक  टङ्करो॥

यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।

इस गीत में कोई गलती दिखी?

गलती बताएँ