हे अनादि असीम सुनील अकूल सिन्धु
He anadi asim
पूजा और प्रार्थना
हे अनादि असीम सुनील अकूल सिन्धु, आमि क्षुद्र
अश्रुविन्दु
तोमार शीतल अतले फेलो गो ग्रासि,
तार परे सव नीरव शान्तिराशि–
तार
परे शुधु विष्मृति आर क्षमा–
शुधाव ना आर कखन् आसिवे अमा,
कखन् गगने उदिवे पूर्ण इन्दु॥ यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Hey anadi asim sunil akul sindhu, aami khudra oshrubindu. Tomar shital atale phelo go graasi, Taar pare sob nirab shaantiraashi – Taar pare shudhu bismriti aar khoma – Shudhabo na aar kakhon aasibe ama, Kakhon gagone udibe purno indu.
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यूट्यूब पर
- पर्याय
- पूजा और प्रार्थना · 55(পূজা ও প্রার্থনা)
- स्थान
- शिलैदह(শিলাইদহ)
- स्वरबितान खण्ड
- नोततिओन नोत अवैलब्ले(স্বরলিপি পাওয়া যায়নি)
- रचनाकाल
- 2 October 1895(১৬ আশ্বিন ১৩০২)
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