হে মাধবী, দ্বিধা কেন
He madhobi didha keno
Prakriti
हे माधवी, द्विधा केन, आसिवे कि
फिरिवे कि–
आङिनाते वाहिरिते मन केन गेल
ठेकि॥
वातासे लुकाय़े
थेके के ये तोरे गेछे डेके,
पाताय़ पाताय़ तोरे पत्र से ये
गेछे लेखि॥
कखन् दखिन हते के दिल दुय़ार
ठेलि,
चमकि उठिल जागि चामेलि नय़न मेलि।
वकुल पेय़ेछे
छाड़ा, करवी दिय़ेछे साड़ा,
शिरीष शिहरि उठे दूर हते कारे
देखि॥ यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Hey maadhobi, dwidha keno, aasibe ki phiribe ki - Aanginate baahirite mon keno gelo ttheki. Baatase lukaye theke ke je tore gechhe deke, Paatay paatay tore patro se je gechhe lekhi. Kakhon dokhin hote ke dilo duwar ttheli, Chamoki utthilo jaagi chameli nayon meli. Bokul peyechhe chhaara, karobi diyechhe saara, Shirish shihori utthe dur hote kaare dekhi.
मेरा नोट
निजी नोट आपकी योजना में शामिल नहीं हैं।सदस्य बनें →
इसके लिए उच्च योजना चाहिए — अधिक मासिक प्ले और एक्सपोर्ट, गाने की स्वरलिपि तथा स्केल, वाद्ययंत्र, ताल और लय नियंत्रण के लिए अपग्रेड करें। सभी प्लान देखें → Patreon से साइन इन करें
यूट्यूब पर
- पर्याय
- Prakriti · 243(প্রকৃতি)
- उप-पर्याय
- Basanta
- राग
- Pilu-Khambaj
- ताल
- Dadra(দাদরা)
- घराना
- Hindustani
- ऋतु
- Barsha(বর্ষা)
- संकलन
- Nobin
- स्वरबितान खण्ड
- 5
- स्वरलिपि
- Dinendranath Tagore
- रचनाकाल
- 13 February 1928(১ ফাল্গুন ১৩৩৪)
AI अनुवाद
अभी कोई अनुवाद नहीं — नीचे कोई भाषा चुनकर AI से अनुवाद बनाएँ।
भाषाएँ
प्रीमियम भाषाएँ
AI-निर्मित
अनुवाद बन रहा है…
इस समय अनुवाद नहीं बनाया जा सका। फिर से प्रयास करें।
इस गीत में कोई गलती दिखी?