या पेय़ेछि प्रथम दिने
Ja peyechhi pratham dine
पूजा
५८४ या पेय़ेछि प्रथम दिने सेइ येन पाइ शेषे, दु हात दिय़े विश्वेरे छुँइ शिशुर मतो हेसे॥ यावार वेला सहजेरे याइ येन मोर प्रणाम सेरे, सकल पन्था येथाय़ मेले सेथा दाँड़ाइ एसे॥ खुँजते यारे हय़ ना कोथाओ चोख येन ताय़ देखे, सदाइ ये रय़ काछे तारि परश येन ठेके। नित्य याहार थाकि कोले तारेइ येन याइ गो व’ले– एइ जीवने धन्य हलेम तोमाय़ भालोवेसे॥
यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Ja peyechhi prothom dine sei jeno paai sheshe, Du hat diye bishwere chnui shisur mato hese. Jaabar bela sahojere Jaai jeno mor pronam sere, Sakol pontha jethaay mele setha dnaarai ese. Khnujte jaare hoy na kothao chok jeno taay dekhe, Sadai je roi kaachhe taari parosh jeno ttheke. Nityo jaahar thaaki kole Taarey jeno jaai go bole - Ei jiboney dhonyo holem tomay bhaalobese.
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दिनेंद्रनाथ ठाकुर1882–1935Rabindranath's grand-nephew and the principal notator of his songs — the poet called him the keeper of all his songs. Taught music at Santiniketan.Photographer unknown, c. 1935 · Wikimedia Commons, public domain - रचनाकाल
- 10 December 1926(২৫ অগ্রহায়ণ ১৩৩৩)
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