जागो निर्मल नेत्रे
Jago nirmalo netre
पूजा
२७५
जागो निर्मल नेत्रे रात्रिर परपारे,
जागो अन्तरक्षेत्रे मुक्तिर अधिकारे॥
जागो भक्तिर तीर्थे पूजापुष्पेर घ्राणे,
जागो उन्मुखचित्ते, जागो अम्लानप्राणे,
जागो नन्दननृत्ये सुधासिन्धुर धारे,
जागो स्वार्थेर प्रान्ते प्रेममन्दिरद्वारे॥
जागो ऊज्ज्वल पुण्ये, जागो निश्चल आशे,
जागो नि:सीम शून्ये पूर्णेर वाहुपाशे।
जागो निर्भय़धामे, जागो संग्रामसाजे,
जागो व्रह्मेर नामे, जागो कल्याणकाजे,
जागो दुर्गमयात्री दुःखेर अभिसारे,
जागो स्वार्थेर प्रान्ते प्रेममन्दिरद्वारे॥ यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Jaago nirmalo netre raatrir paropaare, Jaago antarokhetre muktir odhikare. Jaago bhoktir tirthe pujapushper ghraane, Jaago unmukhochitte, jaago amlanopraane, Jaago nandanonritye sudhasindhur dhaare, Jaago saarther praante premomondirodwaare. Jaago ujyol punye, jaago nischal aase, Jaago nihsimo shunye purner baahupaashe. Jaago nirbhoyodhaame, jaago sangramosaaje, Jaago brahmer naame, jaago kolyankaaje, Jaago durgamojaatri dukkhero obhisaare, Jaago saarther praante premomondirodwaare.
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सुरेन्द्रनाथ बंदोपाध्याय1886–1972Musician of the Vishnupur gharana, known as Sangitratnakar, and a notator of Rabindrasangeet.Eastern Zonal Cultural Centre, from the documentary “The Vishnupur Gharana” · Wikimedia Commons, CC BY 3.0 - रचनाकाल
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