जानि जानि तोमार प्रेमे सकल प्रेमेर
Jani jani tomar preme
पूजा
५५२
जानि जानि तोमार प्रेमे सकल प्रेमेर वाणी मेशे,
आमि
सेइखानेतेइ मुक्ति खुँजि दिनेर
शेषे॥
सेथाय़ प्रेमेर चरम साधन, याय़ खसे तार सकल वाँधन–
मोर
हृदय़पाखिर गगन तोमार हृदय़देशे॥
ओगो,
जानि आमार श्रान्त दिनेर सकल धारा
तोमार गभीर
रातेर शान्तिमाझे क्लान्तिहारा।
आमार देहे धरार परश तोमार सुधाय़ हल सरस–
आमार
धुलारइ धन तोमार माझे नूतन वेशे॥ यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Jaani jaani tomar preme sakol premer baani meshe, Aami seikhanetei mukti knuji diner seshe. Sethaay premer charom sadhon, jaay khose taar sakol bnaadhon - Mor hridoypaakhir gagon tomar hridoyodeshe. Ogo, jaani aamar shraanto diner sakol dhaara Tomar gobhir raater shaantimaajhe klaantihaara. Aamar dehe dharer parosh tomar sudhaay holo saros - Aamar dhulari dhan tomar maajhe nutan bese.
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दिनेंद्रनाथ ठाकुर1882–1935Rabindranath's grand-nephew and the principal notator of his songs — the poet called him the keeper of all his songs. Taught music at Santiniketan.Photographer unknown, c. 1935 · Wikimedia Commons, public domain - रचनाकाल
- 16 January 1928(৩ মাঘ ১৩৩৪)
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