जननी, तोमार करुण चरणखानि
Janani tomar korun
पूजा
४६४
जननी, तोमार करुण चरणखानि
हेरिनु आजि ए अरुणकिरणरूपे॥
जननी, तोमार मरणहरण वाणी
नीरव गगने भरि उठे चुपे चुपे॥
तोमारे नमि हे सकल भुवनमाझे,
तोमारे
नमि हे सकल जीवनकाजे,
तनु मन धन करि निवेदन आजि
भक्तिपावन तोमार पूजार धूपे।
जननी, तोमार करुण चरणखानि
हेरिनु आजि ए अरुणकिरणरूपे॥ यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Janoni tomar koruno charonokhaani Herinu aaji e orunokirono rupe. Janoni, tomar maronoharono baani Nirob gagone bhori utthe chupe chupe. Tomare nomi hey sakol bhubano-maajhe, Tomare nomi hey sakol jibono-kaaje; Tonu mon dhan kori nibedon aaji Bhoktipaabon tomar pujar dhupe. Janoni tomar koruno charonokhaani Herinu aaji e orunokirono rupe.
मेरा नोट
निजी नोट आपकी योजना में शामिल नहीं हैं।सदस्य बनें →
इसके लिए उच्च योजना चाहिए — अधिक मासिक प्ले और एक्सपोर्ट, गाने की स्वरलिपि तथा स्केल, वाद्ययंत्र, ताल और लय नियंत्रण के लिए अपग्रेड करें। सभी प्लान देखें → Patreon से साइन इन करें
यूट्यूब पर
- पर्याय
- पूजा · 464(পূজা)
- उप-पर्याय
- बिबिध(বিবিধ)
- राग
- गुनकेलि(গুণকেলি)
- ताल
- नबपन्च(নবপঞ্চ)
- घराना
- हिन्दुस्तानी(হিন্দুস্তানি)
- संकलन
- गीतांजलि(গীতাঞ্জলি)
- स्वरबितान खण्ड
- स्वरबीतन २६(স্বরবিতান ২৬)
- स्वरलिपि
- सुरेन्द्रनाथ बंदोपाध्याय
सुरेन्द्रनाथ बंदोपाध्याय1886–1972Musician of the Vishnupur gharana, known as Sangitratnakar, and a notator of Rabindrasangeet.Eastern Zonal Cultural Centre, from the documentary “The Vishnupur Gharana” · Wikimedia Commons, CC BY 3.0 / कांगालिचरण सेन / भीमराव शास्त्री - रचनाकाल
- 1908(১৩১৫)
AI अनुवाद
अभी कोई अनुवाद नहीं — नीचे कोई भाषा चुनकर AI से अनुवाद बनाएँ।
भाषाएँ
प्रीमियम भाषाएँ
AI-निर्मित
अनुवाद बन रहा है…
इस समय अनुवाद नहीं बनाया जा सका। फिर से प्रयास करें।