ये दिन सकल मुकुल
Je din sakal mukul
प्रेम
ये दिन सकल मुकुल गेल झरे आमाय़ डाकले केन गो, एमन करे॥ येते हवे ये पथ वेय़े शुकनो पाता आछे छेय़े, हाते आमार शून्य डाला की फुल दिय़े देवो भरे॥ गानहारा मोर हृदय़तले तोमार व्याकुल वाँशि की ये वले। नेइ आय़ोजन, नेइ मम धन, नेइ आभरण, नेइ आवरण– रिक्त वाहु एइ तो आमार वाँधवे तोमाय़ वाहुडोरे॥
यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Je din sakol mukul gelo jhore Aamay dakle keno go, emon kore. Jete habe je path beye sukno paata aachhe chheye, Haate aamar shunyo daala ki phul diye debo bhore. Gaanhaara mor hridayotale Tomar byakul bnaashi ki je bale. Nei aayojan, nei mamo dhan, nei abhoran, nei aboran - Rikto baahu ei to aamar bnaadhbe tomaay baahudore.
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दिनेंद्रनाथ ठाकुर1882–1935Rabindranath's grand-nephew and the principal notator of his songs — the poet called him the keeper of all his songs. Taught music at Santiniketan.Photographer unknown, c. 1935 · Wikimedia Commons, public domain - रचनाकाल
- 1923(১৩৩০)
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