झरा पाता गो, आमि तोमारि दले
Jhora pata go
प्रकृति
झरा पाता गो, आमि तोमारि दले। अनेक हासि अनेक अश्रुजले फागुन दिल विदाय़मन्त्र आमार हिय़ातले॥ झरा पाता गो, वसन्ती रङ दिय़े शेषेर वेशे सेजेछ तुमि कि ए। खेलिले होलि धुलाय़ घासे घासे वसन्तेर एइ चरम इतिहासे। तोमारि मतो आमारो उत्तरी आगुन-रङे दिय़ो रङिन करि– अस्तरवि लागाक परशमणि प्राणेर मम शेषेर सम्वले॥
यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Jhara paata go, aami tomari dale. Anek haasi anek oshrujale Phaagun dilo bidaymontro aamar hiyatale. Jhara paata go, baasonti rong diye Shesher beshe sejechho tumi ki e. Khelile holi dhulay ghaase ghaase Basontero ei charom itihaase. Tomari moto aamaro uttori Aagun-range diyo rongin kori - Astorobi laagak paroshmoni Praanero mamo shesher sambale.
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दिनेंद्रनाथ ठाकुर1882–1935Rabindranath's grand-nephew and the principal notator of his songs — the poet called him the keeper of all his songs. Taught music at Santiniketan.Photographer unknown, c. 1935 · Wikimedia Commons, public domain - रचनाकाल
- 1931(১৩৩৮)
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