जीवने आज कि प्रथम एल वसन्त
Jibone aj ki protham
प्रेम Mayar Khela से · दृश्य 2
जीवने आज कि प्रथम एल वसन्त।
नवीनवासनाभरे हृदय़ केमन करे,
नवीन जीवने हल जीवन्त॥
सुखभरा ए धराय़ मन वाहिरिते चाय़,
काहारे वसाते चाय़ हृदय़े।
ताहारे खुँजिव दिक-दिगन्त॥
येमन दखिने वाय़ु
छुटेछे, ना जानि कोथाय़ फुल फुटेछे,
तेमनि आमिओ, सखी, याव– ना जानि
कोथाय़ देखा पाव।
कार सुधास्वर-माझे जगतेर गीत वाजे,
प्रभात जागिछे कार नय़ने,
काहार प्राणेर प्रेम अनन्त।
ताहारे खुँजिव दिकदिगन्त॥ यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Jibone aaj ki prothomo elo basonto. Nobinobaasonabhare hridayo kemon kare, Nobin jibone holo jibanto. Shukhobhora e dharay mono baahirite chaay, Kaahare basate chaay hridaye. Taahare khnujibo dikdiganto. Jemon dokhine baayu chhutechhe, na jaani kothay phul phutechhe, Temoni aamio, sokhi, jaabo - na jaani kothay dekha paabo. Kaar shudhaswaro-maajhe, jagoter gito baaje, Probhat jaagichhe kaar nayone, Kaahar praaner prem anonto Taahare khnujibo dikodiganto.
मेरा नोट
निजी नोट आपकी योजना में शामिल नहीं हैं।सदस्य बनें →
इसके लिए उच्च योजना चाहिए — अधिक मासिक प्ले और एक्सपोर्ट, गाने की स्वरलिपि तथा स्केल, वाद्ययंत्र, ताल और लय नियंत्रण के लिए अपग्रेड करें। सभी प्लान देखें → Patreon से साइन इन करें
यूट्यूब पर
- पर्याय
- प्रेम · 361(প্রেম)
- उप-पर्याय
- प्रेम्-बोइचित्र(প্রেম্-বোইচিত্র)
- राग
- कनद(কানাড়া)
- ताल
- कहर्व(কাহারবা)
- घराना
- हिन्दुस्तानी(হিন্দুস্তানি)
- संकलन
- मायर खेला(মায়ার খেলা)
- स्वरबितान खण्ड
- स्वरबितन ४८ (मायर खेल)(স্বরবিতান ৪৮ (মায়ার খেলা))
- स्वरलिपि
- इंदिरा देवी चौधरनी
इंदिरा देवी चौधरनी1873–1960Rabindranath's niece — scholar, translator and musician, who set down a great many of his songs in notation.Photographer unknown, c. 1890 · Wikimedia Commons, public domain - रचनाकाल
- 1888(১২৯৫)
AI अनुवाद
अभी कोई अनुवाद नहीं — नीचे कोई भाषा चुनकर AI से अनुवाद बनाएँ।
भाषाएँ
प्रीमियम भाषाएँ
AI-निर्मित
अनुवाद बन रहा है…
इस समय अनुवाद नहीं बनाया जा सका। फिर से प्रयास करें।