यदि जानतेम आमार किसेर व्यथा तोमाय़ जानाताम
Jodi jantem amar
प्रेम
४६
यदि जानतेम
आमार किसेर व्यथा तोमाय़ जानाताम।
के ये आमाय़ काँदाय़ आमि की जानि तार नाम॥
कोथाय़ ये हात वाड़ाइ मिछे, फिरि आमि काहार पिछे–
सव येन मोर विकिय़ेछे, पाइ नि ताहार दाम॥
एइ वेदनार धन से कोथाय़ भावि जनम ध’रे।
भुवन भरे आछे येन, पाइ ने जीवन भरे।
सुख यारे कय़ सकल जने वाजाइ तारे क्षणे क्षणे–
गभीर सुरे ‘चाइ ने’ ‘चाइ ने’ वाजे अविश्राम॥ यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Jodi jaantem aamar kiser byatha tomay jaanatam. Ke je aamay knaaday aami ki jaani taar naam. Kothay je haat baarai michhe, phiri aami kaahar pichhe - Sab jeno mor bikiyechhe, paaini taahar daam. Ei bedonar dhon se kothay bhaabi janam dhore. Bhubon bhore aachhe jeno, paaine jibon bhore. Sukh jaare koy sakol jane baajai taare khane khane - Gobhir sure 'Chaai ne' 'Chaai ne' baaje abisraam.
मेरा नोट
निजी नोट आपकी योजना में शामिल नहीं हैं।सदस्य बनें →
इसके लिए उच्च योजना चाहिए — अधिक मासिक प्ले और एक्सपोर्ट, गाने की स्वरलिपि तथा स्केल, वाद्ययंत्र, ताल और लय नियंत्रण के लिए अपग्रेड करें। सभी प्लान देखें → Patreon से साइन इन करें
यूट्यूब पर
- पर्याय
- प्रेम · 46(প্রেম)
- उप-पर्याय
- प्रेम्-बोइचित्र(প্রেম্-বোইচিত্র)
- राग
- रम्केलि(রামকেলি)
- ताल
- कहर्व(কাহারবা)
- घराना
- हिन्दुस्तानी(হিন্দুস্তানি)
- संकलन
- गीतिमाल्य(গীতিমাল্য)
- स्थान
- शिलैदह(শিলাইদহ)
- स्वरबितान खण्ड
- स्वरबीतन ३९(স্বরবিতান ৩৯)
- स्वरलिपि
- अनादिकुमार दस्तिदारअनादिकुमार दस्तिदार1903–1974Singer and teacher, and one of the notable propagators of Rabindrasangeet.
- रचनाकाल
- 24 February 1914(১২ ফাল্গুন ১৩২০)
AI अनुवाद
अभी कोई अनुवाद नहीं — नीचे कोई भाषा चुनकर AI से अनुवाद बनाएँ।
भाषाएँ
प्रीमियम भाषाएँ
AI-निर्मित
अनुवाद बन रहा है…
इस समय अनुवाद नहीं बनाया जा सका। फिर से प्रयास करें।