ज्वल् ज्वल् चिता, द्विगुण द्विगुण
Jwal jwal chita
नाट्यगीति
ज्वल् ज्वल् चिता, द्विगुण द्विगुण—
परान सँपिवे विधवा वाला।
ज्वलुक ज्वलुक चितार आगुन,
जुड़ावे एखनि प्राणेर ज्वाला॥
शोन् रे यवन, शोन् रे तोरा,
ये ज्वाला हृदय़े ज्वालालि सवे
साक्षी र’लेन देवता तार—
एर प्रतिफल भुगिते हवे॥
देख् रे जगৎ, मेलिय़े नय़न,
देख् रे चन्द्रमा, देख् रे गगन,
स्वर्ग हते सव देखो देवगण—
ज्वलद्-अक्षरे राखो गो लिखे।
स्पर्धित यवन, तोराओ देख् रे,
सतीत्व-रतन करिते रक्षण
राजपुत-सती आजिके केमन
सँपिछे
परान अनलशिखे॥ यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Jwal jwal chita, dwigun dwigun - Paran snopibe bidhoba baala. Jwoluk jwoluk chitaar aagun, Juraabe ekhoni praaner jwaala. Shon re jabon, shon re tora, Je jwaala hriday jwaalali sabe Sakkhi rolen debota taar - Er protiphal bhugite habe. Dekh re jagot, meliye nayon, Dekh re chandroma, dekh re gagon, Swargo hote sab dekho debogan - Jwalodo-akkhare raakho go likhe. Spordhito jaban, torao dekh re, Sotitwo-raton korite rakkhan Raajput-soti aajike kemon Snopichhe paran anoloshikhe.
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इंदिरा देवी चौधरनी1873–1960Rabindranath's niece — scholar, translator and musician, who set down a great many of his songs in notation.Photographer unknown, c. 1890 · Wikimedia Commons, public domain - रचनाकाल
- 1875(১২৮২)
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