काछे थेके दूर रचिल
Kachhe theke dur
प्रेम
काछे थेके दूर रचिल केन गो
आँधारे।
मिलनेर माझे विरहकाराय़ वाँधा रे
॥
समुखे
रय़ेछे सुधापारावार, नागाल ना पाय़ तवु आँखि तार–
केमने सराव कुहेलिकार एइ वाधा रे॥
आड़ाले आड़ाले शुनि शुधु तारि
वाणी ये।
जानि तारे आमि, तवु तारे नाहि
जानि ये।
शुधु
वेदनाय़ अन्तरे पाइ, अन्तरे पेय़े वाहिरे हाराइ–
आमार भुवन रवे कि केवलइ आधा रे॥ यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Kaache theke dur rochilo keno go aandhare. Milaner maajhe birahokaaray bnaadha re. Samukhe royechhe sudhapaarabar, naagal na paay tobu aankhi taar - Kemone sarabo kuhelikar ei baadha re. Aarale aarale shuni shudhu taari baani je. Jaani taare aami, tobu taare naahi jaani je. Shudhu bedonay antare paai, antare peye baahire haarai - Aamar bhuban rabe ki keboli aadha re.
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- शैलजरंजन मजुमदारशैलजरंजन मजुमदार1900–1992A teacher of chemistry at Visva-Bharati who became one of the great teachers of Rabindrasangeet, and the notator of many songs of the poet's last years.
- रचनाकाल
- 1933(১৩৪০)
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