कखन वादल-छोँओय़ा लेगे
Kakhon badal chhoa
प्रकृति
कखन वादल-छोँओय़ा लेगे
माठे माठे ढाके माटि सवुज मेघे मेघे॥
ओइ घासेर घनघोरे
धरणीतल हल शीतल चिकन आभाय़ भ’रे–
ओरा हठाৎ-गाओय़ा गानेर मतो एलो प्राणेर वेगे॥
ओरा ये एइ प्राणेर रणे मरुजय़ेर सेना,
ओदेर साथे आमार प्राणेर प्रथम युगेर चेना–
ताइ एमन
गभीर स्वरे
आमारि आँखि निल डाकि ओदेर
खेलघरे–
ओदेर दोल देखे आज प्राणे आमार दोला ओठे जेगे॥ यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Kakhon baadol chhnoya lege Maatthe maatthe dhaake maati sobuj meghe meghe. Oi ghaaser ghanoghore Dharonital holo shitol chikon aabhay bhore - Ora hotthat-gaawa gaaner moto elo praaner bege. Ora je ei praaner rane morujoyer sena, Oder saathe aamar praaner prothom juger chena - Taai emon gobhir sware Aamar aankhi nilo daaki oder khelaghare - Oder dol dhekhe aaj praane aamar dhola otthe jege.
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दिनेंद्रनाथ ठाकुर1882–1935Rabindranath's grand-nephew and the principal notator of his songs — the poet called him the keeper of all his songs. Taught music at Santiniketan.Photographer unknown, c. 1935 · Wikimedia Commons, public domain - रचनाकाल
- 11 May 1922(১৩২৯)
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