गीत / विचित्र

कालेर मन्दिरा ये (दुइ हाते– कालेर मन्दिरा ये)

kalera mandira ye dui hate kalera mandira ye

विचित्र
साझा कीजिए
दुइ हाते–

   कालेर   मन्दिरा ये सदाइ
वाजे   डाइने वाँय़े दुइ हाते,

   सुप्ति छुटे नृत्य उठे   नित्य
नूतन संघाते॥

वाजे फुले, वाजे काँटाय़,   आलोछाय़ार जोय़ार-भाँटाय़,

प्राणेर माझे ओइ-ये वाजे   दुःखे सुखे शङ्काते॥

ताले ताले साँझ-सकाले   रूप-सागरे ढेउ लागे।

सादा-कालोर द्वन्द्वे ये ओइ  छन्दे नानान रङ जागे।

एइ ताले तोर गान वेँधे ने– कान्नाहासिर तान सेधे ने,

डाक दिल शोन् मरण वाँचन नाचन-सभार डङ्काते॥

यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।