गीत / प्रकृति

कार वाँशि निशिभोरे (मरि लो कार वाँशि)

kara vashi nishibhore mari lo kara vashi

प्रकृति
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मरि लो)   कार वाँशि निशिभोरे वाजिल मोर प्राणे।

फुटे दिगन्ते अरुणकिरणकलिका॥

  शरतेर आलोते सुन्दर आसे,

धरणीर आँखि ये शिशिरे भासे,

      हृदय़कुञ्जवने
मुञ्जरिल मधुर शेफालिका॥

यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।