কে ডাকে ! আমি কভু ফিরে নাহি চাই
Ke dake ami kobhu 1
Mayar Khela Mayar Khela से · दृश्य 3
के डाके ! आमि कभु फिरे नाहि चाइ । कत फुल फुटे उठे, कत फुल याय় टुटे, आमि शुधु वहे चले याइ ॥ परश पुलक-रस भरा रेखे याइ, नाहि दिइ धरा । उड়े आसे फुलवास, लतापाता फेले श्वास, वने वने उठे हा-हुताश— चकिते शुनिते शुधु पाइ— चले याइ । आमि कभु फिरे नाहि चाइ ॥
यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Ke daake ! Aami kobhu phire naahi chaai. Kato phul phute otthe, kato phul jaay tute, Aami shudhu bohe chole jaai. Parosh pulako-raso bhora, rekhe jaai naahi dei dhara. Ure aase phulobaas, latapaata phele shwaas, Bone bone otthe ha-hutas - Chokite shunite shudhu paai - chole jaai. Aami kobhu phire naahi chaai.
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- Mayar Khela · 381(মায়ার খেলা)
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- संकलन
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- स्वरबितान खण्ड
- 48 (Maayar Khela)
- स्वरलिपि
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- रचनाकाल
- 1888(১২৯৫)
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