गीत / Prem

কেন যামিনী না যেতে জাগালে (যামিনী না যেতে জাগালে)

Prem
केन   यामिनी ना येते जागाले ना,
वेला हल मरि लाजे।

शरमे जड़ित चरणे केमने चलिव पथेर माझे॥

     आलोकपरशे मरमे मरिय़ा
हेरो गो शेफालि पड़िछे झरिय़ा,

कोनोमते आछे परान धरिय़ा  कामिनी शिथिल साजे॥

निविय़ा वाँचिल निशार प्रदीप ऊषार वातास लागि,

रजनीर शशी गगनेर कोणे लुकाय़ शरण मागि।

     पाखि डाकि वले ‘गेल
विभावरी’,   वधू चले जले लइय़ा गागरि।

आमि ए आकुल कवरी आवरि  केमने याइव काजे॥

यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।

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