काँपिछे देहलता थरथर
Kapichhe deholata
प्रकृति
काँपिछे देहलता थरथर, चोखेर जले आँखि भरभर॥ दोदुल तमालेरइ वनछाय़ा तोमारि नील वासे नीलकाय़ा, वादल-निशीथेरइ झरझर तोमारइ आँखि-’परे भरभर॥ येकथा छिल तव मनेमने चमके अधरेर कोणेकोणे नीरव हिय़ा तव दिल भरि भरि की माय़ा स्वपने ये, मरि मरि आँधार काननेर मरमर वादल निशीथेर झरझर॥
यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Knaapichhe deholata tharotharo, Chokhero jwale aankhi bharobharo. Dodul tomaleri bonochhaaya tomari nil baase nilo kaaya, Baadolo-nishitheri jharojharo Tomari aankhi-pare bharobharo. Je katha chhilo tabo mone mone Chamoke aandharer kone kone. Nirobo hiya tabo dilo bhori ki maaya swapone je, mori mori, Aandhar kaanoner maromaro Baadolo-nishither jharojharo.
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दिनेंद्रनाथ ठाकुर1882–1935Rabindranath's grand-nephew and the principal notator of his songs — the poet called him the keeper of all his songs. Taught music at Santiniketan.Photographer unknown, c. 1935 · Wikimedia Commons, public domain - रचनाकाल
- 1916(১৩২৩)
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