कवे तुमि आसवे वले
Kobe tumi asbe bole
प्रेम
कवे तुमि आसवे व’ले रइव ना
वसे, आमि चलव वाहिरे।
शुकनो फुलेर पातागुलि पड़तेछे
खसे, आर समय़
नाहि रे॥
वातास दिल दोल, दिल दोल ;
ओ तुइ घाटेर वाँधन खोल्, ओ तुइ खोल्।
माझ-नदीते भासिय़े दिय़े तरी वाहि रे॥
आज शुक्ला
एकादशी, हेरो निद्राहारा शशी
ओइ
स्वप्नपारावारेर खेय़ा एकला चालाय़ वसि।
तोर पथ जाना नाइ, नाइवा जाना नाइ–
ओ
तोर नाइ माना नाइ, मनेर माना नाइ–
सवार साथे चलवि राते सामने चाहि रे॥ यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Kabe tumi aasbe bole roiba na bose, aami cholbo baahire. Shukno phuler paataguli portechhe khose, aar samay naahi re. Baatas dilo dol, dilo dol ; Oi tui ghaater bnaadhon khol, o tui khol. Maajh-nodite bhaasiye diye tori baahi re. Aaj shuklaa ekaadoshi, hero nidrahaara shoshi Oi swapnopaarabarer kheya ekla chaalai bosi. Tor path jaana naai, naaiba jaana naai - O tor naai maana naai, moner maana naai - Sabar saathe cholbi raate samne chaahi re.
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दिनेंद्रनाथ ठाकुर1882–1935Rabindranath's grand-nephew and the principal notator of his songs — the poet called him the keeper of all his songs. Taught music at Santiniketan.Photographer unknown, c. 1935 · Wikimedia Commons, public domain - रचनाकाल
- 1911(১৩১৮)
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