কোন্ শুভখনে উদিবে নয়নে
Kon shubhokhone udibe
Puja
कोन् शुभखने उदिवे नय़ने अपरूप रूप-इन्दु
चित्तकुसुमे भरिय़ा उठिवे मधुमय़ रसविन्दु॥
नव नन्दनताने चिरवन्दनगाने
उৎसववीणा मन्दमधुर झङ्कृत हवे प्राणे–
निखिलेर पाने उथलि उठिवे उतला चेतनासिन्धु।
जागिय़ा रहिवे रात्रि निविड़मिलनदात्री,
मुखरिय़ा दिक चलिवे पथिक अमृतसभार यात्री–
गगने ध्वनिवे ‘नाथ नाथ वन्धु वन्धु वन्धु’॥ यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Kon shubhokhane udibe nayone aporup rupo-indu Chityokusume bhoriya utthibe modhumoyo rasobindu. Nabo-nandanotaane chirobandanogaane Utsabobeena mondomodhuro jhonkrito hobe praane - Nikhiler paane utholi utthibe utala chetonasindhu. Jaagiya rohibe raatri nibiromilanodaatri, Mukhoriya dik cholibe pothik amritosabhaar jaatri - Gogone dhwonibe 'Naatho naatho bondhu bondhu bondhu'.
मेरा नोट
निजी नोट आपकी योजना में शामिल नहीं हैं।सदस्य बनें →
इसके लिए उच्च योजना चाहिए — अधिक मासिक प्ले और एक्सपोर्ट, गाने की स्वरलिपि तथा स्केल, वाद्ययंत्र, ताल और लय नियंत्रण के लिए अपग्रेड करें। सभी प्लान देखें → Patreon से साइन इन करें
यूट्यूब पर
- पर्याय
- Puja · 145(পূজা)
- उप-पर्याय
- Biraha
- राग
- Behag(বেহাগ)
- ताल
- Ektaal(একতাল)
- घराना
- Hindustani
- स्वरबितान खण्ड
- 26
- स्वरलिपि
- Surendranath Bandopadhyay / Kangalicharan Sen
- रचनाकाल
- 1909(১৩১৬)
AI अनुवाद
अभी कोई अनुवाद नहीं — नीचे कोई भाषा चुनकर AI से अनुवाद बनाएँ।
भाषाएँ
प्रीमियम भाषाएँ
AI-निर्मित
अनुवाद बन रहा है…
इस समय अनुवाद नहीं बनाया जा सका। फिर से प्रयास करें।
इस गीत में कोई गलती दिखी?