ক্ষমা কর মোরে তাত,
Khoma karo more tato
Kaal Mrigaya Kaal Mrigaya से · दृश्य 6
क्षमा कर मोरे तात, आमि ये पातकी घोर, ना जेने हय়ेछि दोषी, मार्ज्जना नाहि कि मोर ! ओ ! सहे ना यातना आर, शान्ति पाइव कोथाय়— तुमि कृपा ना करिले नाहि ये कोन उपाय় ! आमि दीन हीन अति— क्षम क्षम कातरे, प्रभु हे, करह त्राण ए पापेर पाथारे ।
यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Khama karo more tato, Aami je paatoki ghor, Na jene hoyechhi doshi, Maarjona naahi ki mor! O! Sahe na jatona aar, Shaanti paaibo kothay - Tumi kripa na korile Naahi je kono upaay! Aami deen heen oti - Khamo khamo kaatore, Probhu hey, karoho traan E paaper paathare.
मेरा नोट
निजी नोट आपकी योजना में शामिल नहीं हैं।सदस्य बनें →
इंटरैक्टिव स्वरलिपि जल्द ही आ रही है।
यूट्यूब पर
- पर्याय
- Kaal Mrigaya(কালমৃগয়া)
- उप-पर्याय
- kaal-mrigaya
- ताल
- Jhaptaal(ঝাঁপতাল)
- घराना
- Hindustani
- संकलन
- Kaal-mrigaya
- स्वरबितान खण्ड
- 29
- स्वरलिपि
- Indira Debi Chowdhurani
- रचनाकाल
- 1882(১২৮৯)
AI अनुवाद
अभी कोई अनुवाद नहीं — नीचे कोई भाषा चुनकर AI से अनुवाद बनाएँ।
भाषाएँ
प्रीमियम भाषाएँ
AI-निर्मित
अनुवाद बन रहा है…
इस समय अनुवाद नहीं बनाया जा सका। फिर से प्रयास करें।
इस गीत में कोई गलती दिखी?