মধুর, তোমার শেষ যে না পাই প্রহর হল শেষ
Madhur tomar shes je
Puja
६०४
मधुर, तोमार शेष ये ना पाइ प्रहर हल शेष–
भुवन जुड़े
रइल जेगे आनन्द-आवेश॥
दिनान्तेर एइ एक कोणाते सन्ध्यामेघेर शेष सोनाते
मन ये आमार गुञ्जरिछे कोथाय़ निरुद्देश॥
साय़न्तनेर क्लान्त फुलेर गन्ध हाओय़ार ’परे
अङ्गविहीन
आलिङ्गने सकल अङ्ग भरे।
एइ गोधूलिर धूसरिमाय़ श्यामल धरार सीमाय़ सीमाय़
शुनि वने वनान्तरे असीम गानेर रेश॥ यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Modhuro tomar shesh je na paai proharo holo shesh - Bhubano jure roilo lege aanondo-aabesh. Dinanter ei ek konate sondhyamegher shesh sonate Mon je aamar gunjorichhe kothay niruddesh. Saayantaner klaanto phule gandho haawar pare Angobihin aalinganey sakol ango bhare. Ei godhulir dhusorimay shyamol dharar simay simay Shuni bone bonantare asim gaaner resh.
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यूट्यूब पर
- पर्याय
- Puja · 604(পূজা)
- उप-पर्याय
- Shesh
- राग
- Behag(বেহাগ)
- ताल
- Dadra(দাদরা)
- घराना
- Hindustani
- प्रकाशित
- Sabujpatra
- स्थान
- Stuttgart
- स्वरबितान खण्ड
- 3
- स्वरलिपि
- Dinendranath Tagore
- रचनाकाल
- 7 October 1926(২১ আশ্বিন ১৩৩৩)
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