गीत / Mayar Khela

মধুনিশি পূর্ণিমার ফিরে আসে বার বার,

Madhuraati purnimar

Mayar Khela Mayar Khela से · दृश्य 6
मधुनिशि पूर्णिमार फिरे आसे वार वार,
से जन फेरे ना आर ये गेछे चले ।
छिल तिथि अनकूल, शुधु निमेषेर भुल—
चिरदिन तृषाकुल परान ज्वले ।
एखन फिरावे तारे किसेर छले गो ॥

यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।

इस गीत में कोई गलती दिखी?

गलती बताएँ