मम यौवननिकुञ्जे गाहे पाखि
Mamo joubanonikunje gahe
प्रेम
मम यौवननिकुञ्जे गाहे पाखि– सखि, जाग’ जाग’। मेलि राग-अलस आँखि– अनु राग-अलस आँखि सखि, जाग’ जाग’॥ आजि चञ्चल ए निशीथे जाग’ फागुनगुणगीते अय़ि प्रथमप्रणय़भीते, मम नन्दन-अटवीते पिक मुहु मुहु उठे डाकि–सखि, जाग’ जाग’॥ जाग’ नवीन गौरवे, नव वकुलसौरभे, मृदु मलय़वीजने जाग’ निभृत निर्जने। आजि आकुल फुलसाजे जाग’ मृदुकम्पित लाजे, मम हृदय़शय़नमाझे, शुन मधुर मुरली वाजे मम अन्तरे थाकि थाकि– सखि, जाग’ जाग’॥
यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Mamo jaubanonikunje gaahe paakhi - Sokhi, jaago jaago Meli raago-alaso aankhi - Onu raago-alaso aankhi, sokhi, jaago jaago. Aaji chanchalo e nishithe Jaago phaagunogunogite Oyi prothomopronoyobhite, Mamo nandano-atabite Piko muhu muhu utthe daaki - sokhi, jaago jaago. Jaago nobino gourabe, Nabo bokulosourabhe, Mridu malayobijane Jaago nibhrito nirjane Aaji aakulo phulosaaje Jaago mridukompito laaje, Mamo hridayoshayono maajhe, Suno modhuro murali baaje Mamo antare thaaki thaaki - sokhi, jaago jaago.
मेरा नोट
निजी नोट आपकी योजना में शामिल नहीं हैं।सदस्य बनें →
इसके लिए उच्च योजना चाहिए — अधिक मासिक प्ले और एक्सपोर्ट, गाने की स्वरलिपि तथा स्केल, वाद्ययंत्र, ताल और लय नियंत्रण के लिए अपग्रेड करें। सभी प्लान देखें → Patreon से साइन इन करें
यूट्यूब पर
- पर्याय
- प्रेम · 138(প্রেম)
- उप-पर्याय
- प्रेम्-बोइचित्र(প্রেম্-বোইচিত্র)
- राग
- कफ़ि(কাফি)
- ताल
- एक्ताल(একতাল)
- घराना
- हिन्दुस्तानी(হিন্দুস্তানি)
- प्रकाशित
- बीनबादिनि(বীনবাদিনি)
- स्वरबितान खण्ड
- स्वरबीतन १०(স্বরবিতান ১০)
- स्वरलिपि
- इंदिरा देवी चौधरनी
इंदिरा देवी चौधरनी1873–1960Rabindranath's niece — scholar, translator and musician, who set down a great many of his songs in notation.Photographer unknown, c. 1890 · Wikimedia Commons, public domain - रचनाकाल
- 1897(১৩০৪)
AI अनुवाद
अभी कोई अनुवाद नहीं — नीचे कोई भाषा चुनकर AI से अनुवाद बनाएँ।
भाषाएँ
प्रीमियम भाषाएँ
AI-निर्मित
अनुवाद बन रहा है…
इस समय अनुवाद नहीं बनाया जा सका। फिर से प्रयास करें।