मेघछाय़े सजल वाय़े मन आमार
Meghochhaye sajol baye
प्रेम
मेघछाय़े सजल वाय़े मन आमार
उतला करे सारावेला कार लुप्त
हासि, सुप्त वेदना हाय़ रे।
कोन् वसन्तेर निशीथे ये
वकुलमालाखानि पराले
तार दलगुलि
गेछे झरे, शुधु गन्ध भासे प्राणे॥
जानि फिरिवे ना आर फिरिवे ना, जानि तव पथ गेछे सुदूरे।
पारिले ना तवु पारिले ना चिरशून्य करिते भुवन मम –
तुमि निय़े गेछ मोर
वाँशिखानि, दिय़े गेछ तोमार गान॥ यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Meghochhaaye sajal baye mon aamar Utala kare saarabela kaar lupto haasi, supto bedona haay re. Kon basonter nishithe je bokulmaalakhani parale Taar dalguli gechhe jhore, shudhu gandho bhaase praane. Jaani phiribe na aar phiribe na, jaani tabo path gechhe sudure Paarile na tabu paarile na chiroshunnyo korite bhuban mamo - Tumi niye gechho mor bnaashikhani, diye gechho tomar gaan.
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- शैलजरंजन मजुमदारशैलजरंजन मजुमदार1900–1992A teacher of chemistry at Visva-Bharati who became one of the great teachers of Rabindrasangeet, and the notator of many songs of the poet's last years.
- रचनाकाल
- 1937(১৩৪৪)
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