मने हल येन पेरिय़े एलेम अन्तविहीन पथ
Mone holo jeno periye elem
प्रकृति
मने हल पेरिय़े एलेम असीम पथ आसिते तोमार द्वारे मरुतीर हते सुधाश्यामल पारे। पथ हते गेँथे एनेछि सिक्तयूथीर माला, सकरुण निवेदनेर गन्ध ढाला– लज्जा दिय़ो ना तारे। सजल मेघेर छाय़ा घनाय़ वने वने, पथहारार वेदन वाजे समीरणे। दूरेर थेके देखेछिलेम वाताय़नेर तले तोमार प्रदीप ज्वले– आमार आँखि व्याकुल पाखि झड़ेर अन्धकारे॥
यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Mone holo jeno periye elem antobihin path aasite tomar dware Marutir hote sudhashyamalim paare. Path hote gnethe enechhi siktojuthir maala, Sakorun nibedaner gandho dhaala – Lajja diyo na taare. Sajalo megher chhaaya ghanaay bone bone, Patho-haaranor bedan baaje somirane. Dur hote aami dekhechhi tomar oi baatayantale nibhrite prodip jwale - Aamar e aankhi utsuk paakhi jharer andhokaare.
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शांतिदेव घोष1910–1999An ashramite of Santiniketan who learnt his songs from Rabindranath himself and travelled with him to Sri Lanka, Java and Bali. Singer, dancer, actor, author and long-serving teacher at Sangit Bhavana.Photographer unknown, 1980 · Wikimedia Commons, CC BY-SA 3.0 - रचनाकाल
- 5 May 1935(১৩৪২)
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