मोर प्रभातेर एइ प्रथम खनेर कुसुमखानि
Mor probhater ei prothom
पूजा
मोर प्रभातेर एइ प्रथम खनेर कुसुमखानि तुमि जागाओ तारे ओइ नय़नेर आलोक हानि॥ से ये दिनेर वेलाय़ करवे खेला हाओय़ाय़ दुले, रातेर अन्धकारे नेवे तारे वक्षे तुले– ओगो तखनि तो गन्धे ताहार फुटवे वाणी॥ आमार वीणाखानि पड़छे आजि सवार चोखे, हेरो तारगुलि तार देखछे गुने सकल लोके। ओगो कखन से ये सभा त्येजे आड़ाल हवे, शुधु सुरटुकु तार उठवे वेजे करुण रवे– यखन तुमि तारे वुकेर 'परे लवे टानि॥
यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Mor probhater aai prothom khoner kushumkhaani Tumi jaagao taare oi nayoner aalok haani. Se je diner belaay korbe khela haaway dule, Raater andhokare nebe taare bokkhe tule - Ogo takhoni to gandhe taahar phutbe baani. Aamar binakhani porchhe aaji sabar chokhe, Hero taarguli taar dekchhe gune sakol loke. Ogo kakhon se je sabha tyeje aaral hobe, Shudhu surtuku taar utthbe beje korun rabe - Jakhon tumi taare buker pare lobe taani.
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दिनेंद्रनाथ ठाकुर1882–1935Rabindranath's grand-nephew and the principal notator of his songs — the poet called him the keeper of all his songs. Taught music at Santiniketan.Photographer unknown, c. 1935 · Wikimedia Commons, public domain - रचनाकाल
- 14 April 1914(১ বৈশাখ ১৩২১)
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