ना रे, ना रे, हवे ना तोर स्वर्गसाधन
Na re na re hobe na
पूजा
५८१
ना रे, ना रे, हवे ना तोर स्वर्गसाधन–
सेखाने ये मधुर वेशे
फाँद पेते रय़ सुखेर वाँधन॥
भेवेछिलि दिनेर
शेषे तप्त पथेर प्रान्ते एसे
सोनार मेघे मिलिय़े
यावे सारा दिनेर सकल काँदन॥
ना रे, ना रे, हवे ना तोर, हवे
ना ता–
सन्ध्यातारार हासिर
नीचे हवे ना तोर शय़न पाता।
पथिक वँधु पागल
क’रे पथे वाहिर करवे तोरे–
हृदय़ ये तोर फेटे
गिय़े फुटवे तवे ताँर आराधन॥ यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Na re na re, habe na tor swargosaadhon - Sekhane je modhur beshe phnaad pete roy sukher bnaadhon. Bhebechhile diner sheshe tapto pather praante ese Sonar meghe miliye jaabe saara diner sakol knaadon. Na re na re, habe na tor, habe na ta - Sondhataarar haasir niche habe na tor shayon paata. Pothik bnodhu paagol kore pathe baahir korbe tore - Hriday je tor phete giye phutbe tabe tnaar aaradhan.
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- स्वरबितान खण्ड
- स्वरबीतन ४४(স্বরবিতান ৪৪)
- स्वरलिपि
- सुधीर चंद्र करसुधीर चंद्र कर1906–1977Rabindranath's personal scribe in his last years: when illness kept the poet from writing, he dictated and Sudhirchandra set it down.
- रचनाकाल
- 17 September 1914(১ আশ্বিন ১৩২১)
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