नवजीवनेर यात्रापथे
Nabo jiboner jatrapothe
आनुष्ठानिक संगीत
९ नवजीवनेर यात्रापथे दाओ दाओ एइ वर हे हृदय़ेश्वर– प्रेमेर वित्त पूर्ण करिय़ा दिक चित्त ; येन ए संसारमाझे तव दक्षिणमुख राजे ; सुखरूपे पाइ तव भिक्षा, दुखरूपे पाइ तव दीक्षा ; मन होक क्षुद्रतामुक्त, निखिलेर साथे होक युक्त, शुभकर्मे येन नाहि माने क्लान्ति शान्ति शान्ति शान्ति॥
यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Nabojibaner jaatrapathe daao daao ei bar Hey hridayeshwar - Premer bitto purna koriya dik chitto; Jeno e songsarmaajhe tabo dokhhinomukh raaje; Sukhorupe paai tabo bhikhha, dukhorupe paai tabo dikkha; Mon hok khuddrotamukto, nikhiler saathe hok jukto, Shaanti shaanti shaanti.
मेरा नोट
निजी नोट आपकी योजना में शामिल नहीं हैं।सदस्य बनें →
इसके लिए उच्च योजना चाहिए — अधिक मासिक प्ले और एक्सपोर्ट, गाने की स्वरलिपि तथा स्केल, वाद्ययंत्र, ताल और लय नियंत्रण के लिए अपग्रेड करें। सभी प्लान देखें → Patreon से साइन इन करें
यूट्यूब पर
- पर्याय
- आनुष्ठानिक संगीत · 9(আনুষ্ঠানিক সঙ্গীত)
- राग
- इमन्-भुपलि(ইমন-ভূপালী)
- ताल
- कहर्व(কাহারবা)
- स्थान
- शांतिनिकेतन, उत्तरयन(শান্তিনিকেতন, উত্তরায়ণ)
- स्वरबितान खण्ड
- स्वरबीतन ५५(স্বরবিতান ৫৫)
- स्वरलिपि
- शैलजरंजन मजुमदारशैलजरंजन मजुमदार1900–1992A teacher of chemistry at Visva-Bharati who became one of the great teachers of Rabindrasangeet, and the notator of many songs of the poet's last years.
- रचनाकाल
- 29 December 1939(১৪ পৌষ ১৩৪৬)
AI अनुवाद
अभी कोई अनुवाद नहीं — नीचे कोई भाषा चुनकर AI से अनुवाद बनाएँ।
भाषाएँ
प्रीमियम भाषाएँ
AI-निर्मित
अनुवाद बन रहा है…
इस समय अनुवाद नहीं बनाया जा सका। फिर से प्रयास करें।