নিবিড় ঘন আঁধারে জ্বলিছে ধ্রুবতারা
Nibiro ghano adhare
Puja
निविड़ घन आँधारे ज्वलिछे ध्रुवतारा।
मन रे मोर, पाथारे होस ने दिशेहारा॥
विषादे हय़े म्रिय़माण वन्ध ना करिय़ो गान,
सफल करि तोलो प्राण टुटिय़ा मोहकारा॥
राखिय़ो वल जीवने, राखिय़ो चिर-आशा,
शोभन एइ भुवने राखिय़ो भालोवासा।
संसारेर सुखे दुखे चलिय़ा येय़ो हासिमुखे,
भरिय़ा सदा रेखो वुके ताँहारि सुधाधारा॥ यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Nibiro ghono aandhare jwolichhe dhrubotara. Mon rey mor, paathaare hos ne dishehaara. Bishade hoye mriyoman bandho na koriyo gaan, Saphalo kori tolo praan tutiya mohokaara. Raakhiyo bol jibone, raakhiyo chiro aasha, Shobhano ei bhubone raakhiyo bhaalobasa. Sangsaarero sukhe dhukhe choliya jeyo haasimukhe, Bhoriya sada rekho buke tnaahari sudhadhaara.
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यूट्यूब पर
- पर्याय
- Puja · 176(পূজা)
- उप-पर्याय
- Saadhana O Sankalpa
- राग
- Sahana(সাহানা)
- ताल
- Nabataal
- घराना
- Hindustani
- स्वरबितान खण्ड
- 4
- स्वरलिपि
- Kangalicharan Sen
- रचनाकाल
- 1903(১৩১০)
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