निशा-अवसाने के दिल गोपने आनि
Nisha aboshane ke dilo
पूजा
निशा-अवसाने के दिल गोपने आनि
तोमार विरह-वेदना-मानिकखानि॥
से व्यथार दान राखिव परानमाझे–
हाराय़ ना येन जटिल दिनेर काजे,
वुके येन दोले सकल भावना हानि॥
चिरदुख मम चिरसम्पद हवे,
चरम पूजाय़ हवे सार्थक कवे।
स्वपनगहन निविड़तिमिरतले
विह्वल राते से येन गोपने ज्वले,
सेइ तो नीरव तव आह्वानवाणी॥ यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Nisha-abosane ke dilo gopane aani Tomar biraho bedona-maanikkhaani. Se byathro daan raakhibo paranmaajhe - Haaray na jeno jotil diner kaaje, Buke jeno dole sakol bhaabona haani. Chirodukh mamo chirosampad hobe, Charom pujaay saarthoko kobe. Swaponogahono nibirotimirotale Bihwal raate se jeno gopane jwole, Sei to nirabo tabo aahwanbaani.
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दिनेंद्रनाथ ठाकुर1882–1935Rabindranath's grand-nephew and the principal notator of his songs — the poet called him the keeper of all his songs. Taught music at Santiniketan.Photographer unknown, c. 1935 · Wikimedia Commons, public domain - रचनाकाल
- 30 December 1927(১৫ পৌষ ১৩৩৪)
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