নদীপারের এই আষাঢ়ের প্রভাতখানি
Nodiparer ei asharer
Puja
२६२
नदीपारेर एइ आषाढ़ेर प्रभातखानि
ने रे ओ मन, ने रे आपन प्राणे टानि॥
सवुज-नीले सोनाय़ मिले ये सुधा एइ छड़िय़े दिले,
जागिय़े दिले आकाशतले गभीर वाणी,
ने रे ओ मन, ने रे आपन प्राणे टानि॥
एमनि करे चलते पथे भवेर कूले
दुइ धारे या फुल फुटे सव निस रे तुले।
से फुलगुलि चेतनाते गेँथे तुलिस दिवस-राते,
दिने दिने आलोर माला भाग्य मानि–
ने रे ओ मन, ने रे आपन प्राणे टानि॥ यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Nodipaarer ei aasharer probhatkhaani Ne re o mon, ne re aapon praane taani. Sabuj nile sonay mile je sudha ei chhoriye dile, Jaagiye dile aakashtale gobhir baani, Ne re, o mon, ne re aapon praane taani. Emni kore cholte pathe bhaber kule Dui dhaare ja phul phute sab nis re tule. Se phulguli chetonate gnethe tulis dibas raate, Dine dine aalor maala bhaagyo maani - Ne re, o mon, ne re aapon praane taani.
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यूट्यूब पर
- पर्याय
- Puja · 262(পূজা)
- उप-पर्याय
- Aatmabodhan
- ताल
- Dadra(দাদরা)
- घराना
- Hindustani
- संकलन
- Geetanjali
- स्थान
- Shilaidaha
- स्वरबितान खण्ड
- 11 (Ketaki)
- स्वरलिपि
- Dinendranath Tagore / Bhimrao Shastri
- रचनाकाल
- 9 July 1910(২৫ আষাঢ় ১৩১৭)
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