আমার মন, যখন জাগলি না রে
O amar mon jakhan jagli
Puja
आमार मन, यखन जागलि ना रे ओ तोर मनेर मानुष एल द्वारे । तार चले याओयार शव्द शुने भाङल रे घुम— ओ तोर भाङल रे घुम अन्धकारे ॥ माटिर 'परे आँचल पाति एकला काटे निशीथराति । तार वाँशि वाजे आँधार-माझे, देखि ना ये चक्षे तारे ॥ ओरे, तुइ याहारे दिलि फाँकि खुँजे तारे पाय कि आँखि ? एखन पथे फिरे पावि कि रे घरेर वाहिर करलि यारे ?।
यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Aamar mon, jakhon jaagli na re O tor moner maanush elo dwaare. Taar chole jaawar shabdo shune bhaanglo re ghum - O tor bhaanglo re ghum andhokare. Maatir pare aanchal paati ekla kaate nishithraati. Taar bnaashi baaje aandhar maajhe, dekhi na je chokkhe taare. Ore tui jaahare dili phnaaki khnuje taare paay ki aankhi? Ekhon pathe phire paabi ki re gharer baahir korli jaare?
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यूट्यूब पर
- पर्याय
- Puja · 550(পূজা)
- उप-पर्याय
- Baul
- ताल
- Dadra(দাদরা)
- संकलन
- Geetali
- स्थान
- Surul
- स्वरबितान खण्ड
- 44
- स्वरलिपि
- Anadikumar Dastidar
- रचनाकाल
- 6 September 1914(২১ ভাদ্র ১৩২১)
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