गीतबितान पसंद आ रहा है? आर्काइव का समर्थन करें और सदस्य सुविधाएँ अनलॉक करें। सदस्य बनें → गीत / प्रकृति
ओ आषाढ़ेर पूर्णिमा आमार (ओगो आषाढ़ेर पूर्णिमा आमार)
o ashadhera purnima amara ogo ashadhera purnima amara
प्रकृति
ओ आषाढ़ेर पूर्णिमा आमार, आजि रइले आड़ाले–
स्वपनेर आवरणे लुकिय़े दाँड़ाले॥
आपनारइ मने जानिना एकेला हृदय़-आङिनाय़ करिछ की खेला–
तुमि आपनाय़ खुँजिय़ा फेरो कि तुमि आपनाय़ हाराले॥
एकि मने
राखा
एकि भुले याओय़ा।
एकि स्रोते
भासा,
एकि कूले याओय़ा।
कभुवा नय़ने कभुवा पराने कर लुकोचुरि केन ये के जाने।
कभुवा छाय़ाय़ कभुवा आलोय़ कोन् दोलाय़ ये नाड़ाले॥
यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
इंटरैक्टिव स्वरलिपि जल्द ही आ रही है।
AI अनुवाद
अभी कोई अनुवाद नहीं — नीचे कोई भाषा चुनकर AI से अनुवाद बनाएँ।
भाषाएँ
प्रीमियम भाषाएँ
सदस्य बनें →
AI-निर्मित
अनुवाद बन रहा है…
इस समय अनुवाद नहीं बनाया जा सका। फिर से प्रयास करें।
इसके लिए उच्च योजना चाहिए — अधिक मासिक प्ले, क्रॉस-एल्बम शफ़ल, डाउनलोड और कास्टिंग के लिए अपग्रेड करें। सदस्य बनें →