ओ मञ्जरी, ओ मञ्जरी
O manjori o manjori
प्रकृति
ओ मञ्जरी, ओ मञ्जरी आमेर मञ्जरी, आज हृदय़ तोमार उदास हय़े पड़छे कि झरि॥ आमार गान ये तोमार गन्धे मिशे दिशे दिशे फिरे फिरे फेरे गुञ्जरि॥ पूर्णिमाचाँद तोमार शाखाय़ शाखाय़ तोमार गन्ध-साथे आपन आलो माखाय़। ओइ दखिन-वातास गन्धे पागल भाङल आगल, घिरे घिरे फिरे सञ्चरि॥
यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
O manjori, o monjori aamero monjori, Aaj hridayo tomar udaas hoye porechhe ki jhori. Aamar gaan je tomar gandhe mishe dishe dishe Phire phire phere gunjori. Purnimachnaad tomar shaakhaya shaakhay Tomar gandho-sathe aapon aalo maakhay. Oi dokhin-baatas gandhe paagol bhaanglo aagol, Ghire ghire phire sanchori.
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दिनेंद्रनाथ ठाकुर1882–1935Rabindranath's grand-nephew and the principal notator of his songs — the poet called him the keeper of all his songs. Taught music at Santiniketan.Photographer unknown, c. 1935 · Wikimedia Commons, public domain - रचनाकाल
- 12 March 1922(২৮ ফাল্গুন ১৩২৮)
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