ओगो आमार श्रावणमेघेर
Ogo amar shrabanomegher
प्रकृति
ओगो आमार श्रावणमेघेर खेय़ातरीर माझि, अश्रुभरा पुरव हाओय़ाय़ पाल तुले दाओ आजि॥ उदास हृदय़ ताकाय़े रय़, वोझा ताहार नय़ भारि नय़, पुलक-लागा एइ कदम्वेर एकटि केवल साजि॥ भोरवेला ये खेलार साथि छिल आमार काछे, मने भावि, तार ठिकाना तोमार जाना आछे। ताइ तोमारि सारिगाने सेइ आँखि तार मने आने, आकाश-भरा वेदनाते रोदन उठे वाजि॥
यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Ogo aamar shraabonomegher kheyatorir maajhi, Oshrubhara purab haaway paal tule daao aaji. Udaas hriday taakaaye roy, bojha taahar noy bhaari noy, Pulak laaga ei kadomber ekti kebal saaji. Bhorbela je khelar saathi chhilo aamar kaachhe, Mone bhaabi taar thikana tomar jaana aachhe. Taai tomari saarigaane sei aankhi taar mone aane, Aakash-bhora bedonate rodan utthe baaji.
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दिनेंद्रनाथ ठाकुर1882–1935Rabindranath's grand-nephew and the principal notator of his songs — the poet called him the keeper of all his songs. Taught music at Santiniketan.Photographer unknown, c. 1935 · Wikimedia Commons, public domain - रचनाकाल
- 27 August 1921(১১ ভাদ্র ১৩২৮)
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