ओइ अमल हाते रजनी प्राते
Oi amal hate rajani
पूजा
३११
ओइ अमल
हाते रजनी प्राते आपनि ज्वालो
एइ तो आलो– एइ तो आलो॥
एइ तो प्रभात, एइ तो
आकाश, एइ तो पूजार पुष्पविकाश,
एइ तो विमल, एइ तो मधुर, एइ तो भालो–
एइ तो आलो– एइ तो आलो॥
आँधार मेघेर वक्षे जेगे आपनि ज्वालो
एइ तो आलो– एइ तो आलो।
एइ तो झञ्झा तड़िৎ-ज्वाला, एइ तो दुखेर अग्निमाला,
एइ तो मुक्ति, एइ तो दीप्ति, एइ तो भालो–
एइ तो आलो– एइ तो आलो॥ यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Oi amalo haate raajani praate aapni jwaalo Ei to aalo - ei to aalo. Ei to probhat, ei to aakash, ei to pujar pushpobikash, Ei to bimal, ei to modhur, ei to bhaalo - Ei to aalo - ei to aalo. Aandhar megher bokkhe jege aapni jwaalo Ei to aalo - ei to aalo. Ei to jhanjha torit-jwaala, ei to dukher ognimaala, Ei to mukti, ei to deepti, ei to bhaalo - Ei to aalo - ei to aalo.
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दिनेंद्रनाथ ठाकुर1882–1935Rabindranath's grand-nephew and the principal notator of his songs — the poet called him the keeper of all his songs. Taught music at Santiniketan.Photographer unknown, c. 1935 · Wikimedia Commons, public domain - रचनाकाल
- 23 September 1914(৭ আশ্বিন ১৩২১)
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