ওই মেঘ করে বুঝি গগনে !
Oi megh kore bujhi
Balmiki Pratibha Valmiki Pratibha से · दृश्य 1
ओइ मेघ करे वुझि गगने ! आँधार छाइल, रजनी आइल, घरे फिरे याव केमने ॥ चरण अवश हाय়, श्रान्त क्लान्त काय় सारा दिवस वन भ्रमणे । घरे फिरे यव केमने ॥ ए की ए घोर वन !— एनु कोथाय় ! पथ ये जानि ना, मोरे देखाय়े दे-ना ! की करि ए आँधार राते ! की हवे मोर हाय় ॥ घन घोर मेघ छेय়ेछे गगने, चकित चपला चमके सघने, एकेला वालिका तरासे काँपे काय় ॥
यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Oi megh kore bujhi gagone. Aandhar chhaailo, rajoni aailo, Ghore phire jaabo kemone ! Charon obash haay, shraanto klaanto kaay Saara dibas bono bhromone. Ghore phire jaabo kemone !
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- पर्याय
- Balmiki Pratibha(বাল্মীকিপ্রতিভা)
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- Kaharwa(কাহারবা)
- संकलन
- Balmiki Protibha
- स्वरबितान खण्ड
- 49
- स्वरलिपि
- Dinendranath Tagore
- रचनाकाल
- 1886(১২৯৩)
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