ओइ मरणेर सागरपारे
Oi maroner sagorpare
पूजा
५३३ ओइ मरणेर सागरपारे चुपे चुपे एले तुमि भुवनमोहन स्वपनरूपे॥ कान्ना आमार सारा प्रहर तोमाय़ डेके घुरेछिल चारि दिकेर वाधाय़ ठेके, वन्ध छिलेम एइ जीवनेर अन्धकूपे– आज एसेछ भुवनमोहन स्वपनरूपे॥ आज की देखि कालो चुलेर आँधार ढाला, तारि स्तरे स्तरे सन्ध्यातारार मानिक ज्वाला। आकाश आजि गानेर व्यथाय़ भरे आछे, झिल्लिरवे काँपे तोमार पाय़ेर काछे, वन्दना तोर पुष्पवनेर गन्धधूपे– आज एसेछ भुवनमोहन स्वपनरूपे॥
यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Oi maroner sagoropaare chupe chupe Ele tumi bhubanomohano swaponorupe. Kaanna aamar saaraprohor tomay deke Ghurechhilo chaaridiker baadhay theke, Bandho chhilem ei jibaner andhokupe - Aaj esechho bhubanomohano swaponorupe. Aajke dekhi kaalo chuler aandhar dhaala, Taari stare stare sondhataarar maanik jwaala. Aakash aaji gaaner byathay bhore aachhe, Jhillirabe knaape tomar paayer kaachhe, Bandona tor pushpoboner gandhodhupe - Aaj esechho bhubanomohano swaponorupe.
मेरा नोट
निजी नोट आपकी योजना में शामिल नहीं हैं।सदस्य बनें →
इसके लिए उच्च योजना चाहिए — अधिक मासिक प्ले और एक्सपोर्ट, गाने की स्वरलिपि तथा स्केल, वाद्ययंत्र, ताल और लय नियंत्रण के लिए अपग्रेड करें। सभी प्लान देखें → Patreon से साइन इन करें
यूट्यूब पर
- पर्याय
- पूजा · 533(পূজা)
- उप-पर्याय
- सुन्दर(সুন্দর)
- राग
- पिलु(পিলু)
- ताल
- दद्र(দাদরা)
- संकलन
- गृहप्रवेश(গৃহপ্রবেশ)
- स्वरबितान खण्ड
- स्वरबीतन २(স্বরবিতান ২)
- स्वरलिपि
- अनादिकुमार दस्तिदारअनादिकुमार दस्तिदार1903–1974Singer and teacher, and one of the notable propagators of Rabindrasangeet.
- रचनाकाल
- 1925(১৩৩২)
AI अनुवाद
अभी कोई अनुवाद नहीं — नीचे कोई भाषा चुनकर AI से अनुवाद बनाएँ।
भाषाएँ
प्रीमियम भाषाएँ
AI-निर्मित
अनुवाद बन रहा है…
इस समय अनुवाद नहीं बनाया जा सका। फिर से प्रयास करें।