गीत / Prem

ওকে বাঁধিবি কে রে (পাগল আজি আগল খোলে)

Prem
ओके  वाँधिवि के रे,  हवे ये छेड़े दिते।

ओर  पथ खोले रे  विदाय़रजनीते॥

   गगने तार मेघदुय़ार झेँपे   वुकेरइ
धन वुकेते छिल चेपे,

प्रभातवाय़े गेल से द्वार केँपे–

एल ये डाक भोरेर रागिणीते॥

शीतल होक विमल होक प्राण,

हृदय़े शोक राखुक तार दान।

   या छिल घिरे शून्ये से मिलालो,  से फाँक
दिय़े आसुक तवे आलो–

विजने वसि पूजाञ्जलि ढालो

शिशिरे-भरा सेँउति-झरा गीते॥

यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।

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