ओरे, की शुनेछिस घुमेर घोरे
Ore ki shunechhis ghumer
प्रेम
ओरे, की शुनेछिस घुमेर घोरे, तोर नय़न एल जले भरे॥ एत दिने तोमाय़ वुझि आँधार घरे पेल खुँजि– पथेर वँधु दुय़ार भेङे पथेर पथिक करवे तोरे॥ तोर दुखेर शिखाय़ ज्वाल् रे प्रदीप ज्वाल् रे। तोर सकल दिय़े भरिस पूजार थाल रे। येन जीवन मरण एकटि धाराय़ ताँर चरणे आपना हाराय़, सेइ परशे मोहेर वाँधन रूप येन पाय़ प्रेमेर डोरे॥
यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Ore, ki sunechhis ghumero ghore, tor nayon elo jale bhore. Eto dine tomay bujhi aandhar ghare pelo khnuji - Pather bnodhu duwaar bhenge pather pothik korbe tore. Tor dukher shikhay jwaal re prodip jwaal re. Tor sakol diye bhoris pujar thal re. Jeno jiban maron ekti dhaaray taar charone aapna haaray, Sei paroshe moher bnaadhon rup jeno paay premer dore.
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दिनेंद्रनाथ ठाकुर1882–1935Rabindranath's grand-nephew and the principal notator of his songs — the poet called him the keeper of all his songs. Taught music at Santiniketan.Photographer unknown, c. 1935 · Wikimedia Commons, public domain - रचनाकाल
- 17 January 1927(৪ মাঘ ১৩৩৩)
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