पथिक परान, चल्, चल् से पथे तुइ (ये पथ दिय़े गेल रे तोर)
Pothik poran chol
प्रेम
पथिक परान, चल्, चल् से पथे तुइ ये पथ दिय़े गेल रे तोर विकेलवेलार जुँइ॥ से पथ वेय़े गेछे ये तोर सन्ध्यामेघेर सोना, प्राणेर छाय़ावीथिर तले गानेर आनागोना– रइल ना किछुइ॥ ये पथे तार पापड़ि दिय़े विछिय़े गेल भुँइ, पथिक परान, चल्, चल से पथे तुइ। अन्धकारे सन्ध्यायूथीर स्वपनमय़ी छाय़ा उठवे फुटे तारार मतो काय़ाविहीन माय़ा– छुँइ तारे ना छुँइ॥
यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Pothik paran cha chal se pothe tui Je path diye gelo re tor bikelbelar jnui. Se path beye geche je tor sondhyamegher sona, Praaner chhaayabithir tole gaaner aanagona - Roilo na kichui. Je pathe taar paapri diye bichiye gelo bhnui, Pothik paraan chal chal se pothe tui. Andhokare sondhyajuthir swaponmoyee chhaaya Utthbe phute taarar mato kaayabihin maaya - Chhnui taare na chhnui.
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दिनेंद्रनाथ ठाकुर1882–1935Rabindranath's grand-nephew and the principal notator of his songs — the poet called him the keeper of all his songs. Taught music at Santiniketan.Photographer unknown, c. 1935 · Wikimedia Commons, public domain - रचनाकाल
- 1924(১৩৩১)
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